आज उदासी छाई क्यों है दर्द मेरी परछाई क्यों है थम सी जाए सांस मेरी जिंदगी तन्हाई क्यों है
प्रियतम कान्हा प्रियसी राधा मीरा फिर इतराई क्यों है राख हुआ है कोना कोना आग अहम् सुलगाई क्यों है रात का आँचल मैला करके सुबह ने ली अंगड़ाई क्यों है