मुमकिन है हँसी को दबाना
आँखों से दर्द का छुप पाना मुश्किल है
मुमकिन है आँसुओं का पिया जाना
पेट की भूख का मिट पाना मुश्किल है
मुमकिन है रंगों का उड़ जाना
पानी का रंग उड़ पाना मुश्किल है
मुमकिन है हथेली की रेखाओं का मिट जाना
पर स्पर्श का भूला पाना मुश्किल है..
मुमकिन है ईश्वर को भूल जाना
दुआओं बिन जी पाना मुश्किल है...!
_रुचि सिंह
Twitter- @ruchi_mgr

