शब्दों पर पकड़ नहीं हो सकती,कभी तो कई मायने निकल आते हैं..तो कहीं ख़ुद में ही उलझ सिमट रह जाते हैं !_रुचि सिंह
शब्दों पर पकड़ नहीं हो सकती,कभी तो कई मायने निकल आते हैं..तो कहीं ख़ुद में ही उलझ सिमट रह जाते हैं !
_रुचि सिंह