जीवन की तमाम पीड़ाएं 

जिनमें टूटना स्वाभाविक था ..

मैंने ख़ुद को बिखरने से बचाए रखा..

ईश्वर का और स्वयं का

सम्मान बनाए रखने के लिए,

मैंने ख़ुद को जोड़े रखना 

सबसे ज्यादा ज़रूरी समझा !


_रुचि सिंह

Twitter- @ruchi_mgr