चर्चा ये भीजोर पकड़नी चाहिएइक दिन..कि इंसाँ अब इंसाँनहीं बना रहना चाहता,ख़ुदा बनने की होड़ लग पड़ी है यहाँ!_रुचि सिंह
चर्चा ये भीजोर पकड़नी चाहिएइक दिन..
कि इंसाँ अब इंसाँनहीं बना रहना चाहता,ख़ुदा बनने की होड़ लग पड़ी है यहाँ!
_रुचि सिंह