तू मुझमें है ऐसा जैसे,

हवा का 

बादलों के संग,

रजनी का 

भोर से मिलन,

रूठों में 

अपनों सा मन,

नदी का 

लहरों से संगम,

सावन में 

हरियाली का रंग,

जीवन का 

मृत्यु से बंधन,

ऐसे ही कुछ 

मुझमें है तू...