अपनी भावनाओं को

छिपाकर कठिनाई से

मुस्कान लाता हूॅं

मैं बूढ़ा हूॅं वृद्धाश्रम में

पाया जाता हूॅं...

परिवार बच्चे सब होने पर भी

सहुलियत में रहने का ढोंग

निभाता हूॅं ..

मैं बूढ़ा हूॅं वृद्धाश्रम में

पाया जाता हूॅं.

भूख प्यास खांसी हिचकी

चक्कर बेचैनी इनके साथ मैं

अमुमन वक्त बिताता हूॅं..

मैं बूढ़ा हूॅं वृद्धाश्रम में

पाया जाता हूॅं..

रोकना टोकना कहना

सुनना अपनों से कुछ नहीं

केवल परायों संग बतियाता हूॅं

मैं बूढ़ा हूॅं वृद्धाश्रम में

पाया जाता हूॅं...

दूसरों को‌ अपने बच्चों की

उपलब्धियाॅं की कथा बड़े

गर्व से सुनाता हूॅं.. और

मन में अपने परवरिश व

संस्कारों को कोसता हूॅं

मैं बूढ़ा हूॅं वृद्धाश्रम में

पाया जाता हूॅं...