पहले छोटी छोटी खुशियों

को पाकर खिलखिला उठते थे

अब बड़ी बड़ी उपलब्धियाॅं भी

मुस्कान ला नहीं पाती...

पहले जो साधारण भोजन में

स्वाद आता था

अब महंगी सामग्री डालने पर

भी वो खुशी खाना

ला नहीं पाती..

पहले दोस्तों रिश्तेदारों

के साथ समय बिताते थे

अब दुर्लभ स्थानों में अकेले

घूमने पर भी पल वही

मिठास ला नहीं पाती..

पहले जो खुशियों के पल

याद करता था दिल

अब शोक को पार कर प्रसन्नता

चित्त के अंदर आ नहीं पाती..