आकार है शारीरिक विकास है
अध्ययन नहीं अभ्यास नहीं
तप नहीं साहस नहीं
मनोबल से भरे नहीं
घड़े कच्चे हैं पके नहीं..
छोटी छोटी बातों पर
हौसला व बल टूट जाते हैं
कठिन परिस्थितियों को
बिल्कुल सह नहीं पाते हैं
धैर्य रूपी अग्नि में तपे नहीं
घड़े कच्चे हैं पके नहीं..
समीक्षा परीक्षा अपेक्षा उपेक्षा
किसी का भी सामना
सटीक से नहीं कर पाते हैं
ज़िन्दगी से रूठ रूठ जाते हैं
नीयम नेकी मेहनत में रमे नहीं
घड़े कच्चे हैं पके नहीं..
मित्र सखा शिक्षक परिवार
पड़ोसी सम्बन्धी अनजान
सब पर आरोप लगाते हैं और
जंग लड़े बिना मध्य में
स्वयं जग छोड़ जाते हैं ..
पग जीवन की ओर बढ़े नहीं
घड़े कच्चे हैं पके नहीं..