हम फूल एक बगीचे केअर्पण हुए अलग अलग जगह..खुशबू वही खूबसूरती वही..न जानेकौन चुने हमारा स्थान किस तरहहर वस्तु हर प्राणी शिकार हैअपने भाग्य का इस तरह..स्थान संगति व्यवसाय समझाएकर्म की गणना होती किस तरह..
हम फूल एक बगीचे केअर्पण हुए अलग अलग जगह..खुशबू वही खूबसूरती वही..न जानेकौन चुने हमारा स्थान किस तरह
हर वस्तु हर प्राणी शिकार हैअपने भाग्य का इस तरह..स्थान संगति व्यवसाय समझाएकर्म की गणना होती किस तरह..