जब तुम्हें पहली बार देखा था
तभी दिल ने तुम्हे अपना मान लिया था
जब खोले थे तुमने अपने लब
सच में पागल हो गया था मैं तब
जब मिली थी तुमसे पहली बार ये आँखे
टूट गयी थी दिल की जुडी हुईं सलाखें
मैं तो टुटा हुआ एक कांच का टुकड़ा था
तुमसे मिला तो धीरे धीरे जुड़ने लगा
रुक गया था मैं न जाने कब से
तुमसे मिला तो फिर से चलने लगा
मैं तो भूल ही गया था ज़िन्दगी जीना
सीख गया था गमो का प्याला पीना
आये थे तुम एक अजनबी बनकर
न जाने कब दोस्त बन गए
धीरे धीरे ही सही
न जाने कब दिल में उतर गए
डर लगता है सोचकर की दूर चला जाऊंगा
क्या फिर मैं कभी तुमसे मिल पाउँगा ??
मैंने तो कह दिए दिल के सारे जज्बात
चाहे तुम समझो इनको सिर्फ अल्फाज़
इसलिए और कुछ अब कहना नही चाहता
इससे ज्यादा और कुछ कह नही सकता
बस समझ लो कि तुम्हरें बिना जी नहीं सकता ।।
#₹P