मोबाइल पर उंगलियाँ जबसे अभ्यस्त हो गईं

नज़दीकियों की उम्र तबसे एकाकीपन से ग्रस्त हो गई


इंटरनेट की दुनिया जबसे संग हो गई

दिलों की गलियाँ तबसे तंग हो गईं


ऑनलाइन चैटिंग जबसे प्रारंभ हो गई

आपसी बोल चाल तबसे बंद हो गई


दिली दावेदारियों का अब वो दौर ना रहा

ख़ामोश लबों को सुन पाने का अब वो तौर ना रहा


गैरों को जबसे अपनों से ज़्यादा मान दे दिया

रिश्तों में तबसे दूरियों को स्थान दे दिया


अब होती हैं ना वो रात रात भर बातें

न होती हैं वो रोज़ रोज़ की मुलाकातें

टेक्नोलॉजी की दुनिया ने

बदल डाली हैं गुज़रे ज़माने की सौगातें

✍️✍️


तौर(चालचलन/ढंग)