सुकून का आभाव है's image
Poetry1 min read

सुकून का आभाव है

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava December 9, 2022
Share0 Bookmarks 63136 Reads1 Likes

मुस्कुराहटें हैं कम

ज़्यादा तनाव है

कल की चिंता में

सुकून का आभाव है


हासिल है जो उससे

कहां संतोष है

काश की चाह में

घटता खुशिय

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts