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साल ये भी गुज़र गया

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava December 31, 2022
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हर साल की तरह

साल ये भी गुज़र गया

ज़िंदगी का सिलसिला

इक बार फिर से संभल गया


आईं कई मुश्किलें

मुस्कुराहटें भी तमाम मिली

शिकायतें हज़ारों

मगर ज़िंदगी अटल रही


छूटे कईं साथ

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