दिल से दिल तक
संवाद जो पहुंचे
ऐसे लफ़्ज़ कहां
अब होते
बात बात में
बात पकड़ते
हर तरफ़ ये रिश्ते थोथे
देख चेहरा
भाव जो पढ़ लें
ऐसे जज़्बात कहां
अब होते
सुनकर भी समझ न पाएं
हर तरफ़ ये रिश्ते खोटे
अपेक्षाएं जिनकी
सबसे ऊंची
ज़रूरत पड़े तो नज़र ना आते
बहानों की सूची लेकर फिरते
हर तरफ़ ये रिश्ते झूठे!!
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