पाया ही नहीं जिसे's image
264K

पाया ही नहीं जिसे


पाया ही नहीं जिसे

उसे क्यों खोने से डरते हैं

अपनी ही दिल की गवाही से

क्यों हम अक्सर मुकरते हैं


ख़ुद को बेवजह क्यों

हम हरपल यूं ही परखते हैं

अनचाह

Read More! Earn More! Learn More!