सृष्टि का आधार हूं
प्रकृति का श्रृंगार हूं
फिर भी बहुतों के लिए निराधार हूं
नरम हूं विनर्म हूं
सहनशीलता का चरम हूं
फिर भी बहुतों के लिए शर्म हूं
शांत हूं ख़ामोश हूं
सुकून का आगोश हूं
फिर भी बहुतों के लिए आक्रोश हूं
हां मैं "नारी" हूं
आ जाऊं जो अपनी पर
तो सब पर भारी हूं
मेरी चुप्पी में छिपी है मेरी ताकत
मुझको कमज़ोर समझने की
कभी ना करना हिमाक़त
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हिमाक़त(बेवकूफी)
