माटी से बनी ये काया

इक दिन माटी में मिल जाएगी

सारी की सारी योजनाएं

पल भर में ढह जाएंगी


दिल और दिमाग़ की चिंताएं

व्यर्थ ही रह जाएंगी

ख़त्म होगी जिंदगी

बस यादें ही रह जाएंगी


सोने चांदी सी अनमोल काया

इक दिन बेमोल ही रह जाएगी

तन को छोड़ रूह भी

पल भर में उड़ जाएगी

माटी से बनी ये काया

इक दिन माटी में मिल जाएगी

✍️✍️