देखती हूं जब जब तेरी तस्वीर

दर्द बह जाता है आंखों से बनकर नीर

तेरी आवाज़ सुनने को तरसते हैं कान

तेरे ना होने से छिप गई है लबों की मुस्कान

तुझे देखने को तरसते हैं ये नैन

तेरी गैरमौजूदगी करती है दिल को बेचैन

तेरी बाहों में समाने को होता है दिल उत्सुक

तेरे कमी के सामने फीका

लगता है ज़िन्दगी का हर सुख

तेरे कदमों की आहट को तरसता है ये मन

तेरी ममता के अभाव में पीड़ित है ये तन

तड़पता है हरपल ये दिल तेरी याद में

मांगती हूं हर रोज़ तुझे मैं फ़रियाद में

मांगती हूं हर रोज़ तुझे मैं फ़रियाद में