कभी इसका दिल रखा
कभी उसका दिल रखा
रिश्तों की इस आपाधापी में
ना जाने ख़ुद को कहाँ रखा
कभी इसके हो गए
कभी उसके हो गए
रिश्तों के इस मिलावटी दौर में
हम ना जाने किधर खो गए
कभी इसको दे दिया
कभी उसको दे दिया
रिश्तों की इस भीड़ में
हमने ख़ुद को गंवा दिया
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