होंठों की अलमारी's image
Poetry1 min read

होंठों की अलमारी

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava August 30, 2022
Share0 Bookmarks 14177 Reads0 Likes

होठों की अलमारी में

कपड़ा हर रंग का है

लफ़्ज़ों की कतारों का

खामोशियों से लफ़ड़ा है


झूठ ,प्रपंच ,दिखावों का

अपना अपना जलवा है

समझौतों की चमक तले

जज़्बातो

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts