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दिल सिकुड़ रहें हैं

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava January 31, 2022
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बढ़ रहें हैं शहर

दिल सिकुड़ रहें हैं

तरक्की की दौड़ में

ईमान फिसल रहें हैं


जीत की होड़ में

अपने अपनों से

बिछड़ रहें हैं

दिख

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