मीठे लफ़्ज़ों का वर्क लगा जो

कड़वाहट को छल रूपी

तश्तरी में परोस देते हैं

हां होते हैं ऐसे लोग भी

जो महज़ अल्फाजों की चोट से

भर चुके ज़ख्मों को खरोंच देते हैं

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