चाहे लाख कर लो जतन
या कर लो कोई भी उपाय
भूले नहीं भुलाते
जो हृदय भीतर समाए
चाहे लाख कर लो कोशिशें
या जुटा लो कोई भी युक्ति
भावनाओं की गहराई से
कभी मिलती नहीं है मुक्ति
चाहे लाख कर लो मिन्नतें
या लगा लो कोई भी तरक़ीब
चले जाएं जो दूर
फिर वो आते नहीं करीब
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