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बीत रही ज़िंदगी

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava November 30, 2022
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कभी यूं भी

खामोशियों से

रूबरू हुए हम

लब रहे मौन

आँखें हुई नम


न जाने कौन सी यादें

न जाने कितने हैं गम

ज़्या

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