बंदिशें तमाम हैं ,,

फिर भी हौसले खुलेआम हैं...

सरहद पे पहरेदारी है,,

फिर भी परिंदों की उड़ान ज़ारी है...

दिलों में दूरियां हैं,,

फिर भी इश्क़ की साझेदारी है