झूठ के यहां चर्चे बेशुमार
सच मचाता हाहाकार
मिलावट की यहां जय जयकार
स्पष्टता लगाती हरपल गुहार
बनावट के यहां किस्से हज़ार
सादगी की कोई सुनता ना पुकार
दिल के यहां लाखों खरीदार
रूह का ना दिखता
कोई भी तलबगार
✍️✍️


झूठ के यहां चर्चे बेशुमार
सच मचाता हाहाकार
मिलावट की यहां जय जयकार
स्पष्टता लगाती हरपल गुहार
बनावट के यहां किस्से हज़ार
सादगी की कोई सुनता ना पुकार
दिल के यहां लाखों खरीदार
रूह का ना दिखता
कोई भी तलबगार
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