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आँखों की अलमारी

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava August 24, 2022
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इक पुराना ख़्वाब मिला

आँखों की अलमारी में

छूट गया था पीछे जो

बढ़ती ज़िम्मेदारी में


हाथ बढ़ाया मैंने

उसको जो उठाने को

कतराया वो थोड़ा मुझको

फिर से अपनाने को


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