इल्म-ओ-अदब के अब

वो तरीके ना रहे

लफ़्ज़ों की हिफाज़त के

अब वो सलीके ना रहे


नाज़ुकमिजाज़ी के अब

वो तरीके ना रहे

दिली एहतिराम के

अब वो सलीके ना रहे


सब्र-ओ-सुकून के अब

वो तरीके ना रहे

लुत्फ़ ए ज़िंदगी के

अब वो सलीके ना रहे

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इल्म-ओ-अदब(knowledge)

एहतिराम(respect/इज्ज़त)