सब पुरानी बात है... सुबह का ट्यूशन वो कपकपाती ठंढ मेरे घर वाली गली वो धुंध, वो कुहासे कुछ वक़्त पहले बुलाकर मेरा देरी से आना बहुत बार सोये रह जाना हंसते हुए माफ़ी माँगना उस उगते हुए सुरज के साथ डरावने रस्तों से शहर से बचते बचाते ट्यूशन तक पहुंच जाना मन ही मन हँसना मुस्कुराना अंजान बन कर घर लौट जाना अगली धुंध वाली सुबह फिर यही कहानी दोहराना सब पुरानी बात है...