मेरे ख्वाब मर चुके हैं:-उन्हें जिंदा मैं ही करूँगा ,कल तक रेंगते थे:-उन्हें परिंदा मैं ही करूँगा ,जो कम्बख्त जलते हैं:- मुझसेमाँ कसम:- उन्हें तो शर्मिंदा मैं ही करूँगा ,मेरे ख्वाब मर चुके हैं:-उन्हें जिंदा मैं ही करूँगा ,
मेरे ख्वाब मर चुके हैं:-उन्हें जिंदा मैं ही करूँगा ,
कल तक रेंगते थे:-उन्हें परिंदा मैं ही करूँगा ,
जो कम्बख्त जलते हैं:- मुझसेमाँ कसम:- उन्हें तो शर्मिंदा मैं ही करूँगा ,