चिंतामुक्त समाज में जन्म लेना
इसे हम सौभाग्यशाली मानते रहे
यह हमारे पुरखों की जीत थी
उन्होंने इसे अपने लिए और अपने हिसाब से चिंतामुक्त रखा
हमें इसे हमारे लिए चिंताजनक मानना था
लेकिन नहीं, आराम से गुजारे गए दिन
अब हिसाब लेने लगे हैं
तो भी होशोहवास ठिकाने नहीं आ रहे।
-रोहित

