घटनाओं से बड़ी होती हैं
उनकी स्मृतियाँ
आदमी से बड़ा होता है
उसका दुःख
यात्रा से बड़े होते हैं
वे हाथ जो आपको
गले लगाते हैं
नींद से बड़ा होता है
वह स्वप्न जिसमें हम चूमते हैं
किसी का चेहरा
शीत की वह रात कितनी बड़ी है
जिसमें एक काँपती रेल
मुझे लाती है तुम तक |
रोहित ठाकुर


