
अपनी नाकामयाबी का ठीकरा सब पर है फोड़ता,
झूठ बोलने मे माहिर है, लम्बी लम्बी है फेंकता,
पर वो कमबख्त कभी आईना नहीं देखता।।
अभिनेताओ से भी अच्छा अभिनय है वो करता,
जहाज़ में उड़कर भी खुद को फ़क़ीर है वो कहता,
पर वो कमबख्त कभी आईना नहीं देखता।।
देश से ज्यादा अपनी छवि से है वो प्यार करता,
बस चुनाव के वक्त ही अपनी माँ को है याद करता,
पर वो कमबख्त कभी आईना नहीं देखता।।
Read More! Earn More! Learn More!
