विश्वासराकेश की कलम सेदुनियाकुछ डरीसहमी सी हैविश्वासकी कुछकमी सी है
विश्वासराकेश की कलम से
दुनियाकुछ डरीसहमी सी हैविश्वासकी कुछकमी सी है