वंदन

राकेश की कलम से

1/26/2021


पावन है दिन आज का

संविधान के सम्मान का 

भारत के यशमान का

गणतंत्र के गुणगान का


एक नई सुबह का सृजन

फिर आज दिनकर करें

गौरव के प्रतीक

तिरंगे को सब नमन करें  


जो देश की रक्षा करते हुए

बलिदान सीमा पर हो गए

जो कभी लौट कर ना घर को गए 

सैनिक वो सरहद पर अमर हो गए

शौर्य की अमिट पहचान बन कर

पराक्रम से जीना सीखा गए

आओ नत्मस्तक होकर

वंदन आज उनका करें

ह्रदय से अमर जवानों का

अभिनन्दन करें


आज संकल्प एक 

साथ मिल कर करें

देश के लिए जिएं और

देश के लिए मरे

मन भय से मुक्त और

मस्तक गर्व से ऊँचा करें 

विश्व में भारत की ऊँची हो शान

प्रेम और शांति से मिलकर रहें


अखंड भारत की रक्षा के लिए

प्राण तक अपने न्यौछावर करे 

एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए

योगदान का दृढ़ संकल्प करें 

हर जन प्रतिदिन कुछ अच्छा करें


वसुधैव कुटुम्बकम की परम्परा

को लेकर  देश आगे बढे

काश्मीर से कन्याकुमारी तक

प्रेम और सद्भावना के फूल खिलें


आओ आधुनिक आत्मनिर्भर 

भारत का नव निर्माण करें

अपने दायित्व का संज्ञान ले

पहल देश फिर शेष

इस मंत्र को जान ले



~ जय हिन्द  ~जय भारत