नई दिशा

राकेश की कलम से 


शौर्य और शक्ति सदियों से 

नारी की पहचान है 

नारी मानवता का आधार और

संस्कृति का अभिमान है


नारी कोई वस्तु नहीं 

फिर क्यों कन्याओं का दान हो

नारी सृष्टि का आधार है

उसका सत्कार और सम्मान हो


नारी पर जो करते अन्याय  

धरा पर ना कोई उनका स्थान हो

बाधाओं की मिटें सब रेखाएं 

समाप्त अग्निपरीक्षा का विधान हो