आज रंग है...बस रंग है
राकेश की क़लम से
कुछ रंग फूलों की महक का
कुछ रंग कोयल की चहक का
कुछ रंग मीठी मीठी बातों का
कुछ रंग छोटे-छोटे ख़्वाबों का
कुछ रंग बाबूल के घर आँगन का
कुछ रंग मन में समाए साजन का
कुछ रंग बचपन की मीठी यादों का
कुछ रंग हरे भरे सावन भादो का
कुछ रंग गुजिया और पकवानों का
कुछ रंग माँ के हाथ से बने खानों का
कुछ रंग मित्रों से मिलने मिलाने का
कुछ रंग रंगना ‘होली के बहाने’ का
कुछ रंग राधा को रंग लगाने का
कुछ रंग गोकुल का, बरसाने का
कुछ रंग मुरली की मीठी तानों का
कुछ रंग गीत और कविता गाने का
कुछ रंग मस्ती से भरे ठहाकों का
कुछ रंग मधुर सी मुस्कुराहटों का
कुछ रंग “होली-है” की आवाज़ों का
कुछ रंग मीठी मीठी बातों का
आज रंग है बस रंग है
दिल मे एक नई उमंग है
पिचकारी गुलाल का संग है
मस्ती की बहती तरंग है
राकेश की क़लम से
Rakesh Malhotra
![आज रंग है, बस रंग है [ Aaj Rang Hai ]](https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/post_pics/%40rmalhotra/None/6275EE55-0804-4EB3-B37E-A4FB55218321_29-03-2021_21-55-06-PM.jpeg)
