2021 सबका मंगल हो,

“राकेश की  कलम से”


ज़िंदगी सीधी सरल हो

ना कोई कल-कल हो

हर हाथ को मिले काम

हर घर में अन्न जल हो


सुलझे समस्याएँ सबकी

हर मुश्किल का हल हो

ना क़ोई होउथल-पुथल

सुख और शांति प्रबल हो


प्रेम करूणा हो सद्भाव  

ह्रदय सबका निश्छल हो

स्वस्थ समृद्ध हों सभी

ना क़ोई दुर्बल निर्बल हो


बाज़ारों फिर चहल पहल हो

ख़ुशियों से भरपूर हर पल हो

रास्ता आसान हो मंज़िलों का

निश्चय और विश्वास अटल हो


राष्ट्र का निरंतर विकास हो

जीवन हम सब का सफल हो

ईश्वर सुने हमारी यह प्रार्थना

कल जैसा ना फिर कल हो