शिव आनंद हैं ! शिव अनुभूति है !
शिव नाद हैं ! शिव नृत्य हैं !
शिव शक्ति हैं ! शिव स्वयंभू हैं!
शिव अनंत हैं ! शिव अनादि हैं !
शिव मलंग हैं ! शिव मृत्यु हैं !
शिव मुझमें हैं ! शिव तुझमें है !
शिव क्षण-क्षण में हैं !
शिव कण-कण में हैं !
शिव सबके रोम-रोम में हैं !
शिव सबके प्राण-प्राण में हैं !
बस शिव शिव शिव शिव ही इस ब्रह्मांड में हैं !
बस शिव शिव शिव शिव ही तो इस ब्रह्मांड में हैं ।।
~रितु राज

