जीवन में कुछ प्रेम....ऐसे होते हैं 

जो अक्सर ...ख़्वाबों में ही पूरे होते हैं

बातें भी होती हैं, मुलाकातें भी होती हैं

जज़्बात भी होते हैं, एहसास भी होते हैं

नज़रें भी जानती हैं, रूह भी पहचानती है 

कि हां हमें उनसे मोहब्ब्त है 

पर लब खामोश होते हैं 

बिल्कुल ऐसे जैसे किसी ने 

सारे लब्ज छीन लिए हो 

बस खामोशियां ही

इस प्रेम की तकदीर होती है और

ऐसे प्रेम जमीं पर नहीं

अक्सर ख़्वाबों के फलक पर ही पूरे होते हैं ।।

~ रितु राज