Poetry 1 min read 788.6K reads

कफ़्फ़ारा


कुछ खासियत थी नुर उसके में,क्या अदा देती थी नजर उसकी,

लेके सहारा उसने नूर का खता की थी,अब इस नासमझी में "कफ़्फ़ारा" क्या होगा।

Read more Earn more Learn more