सुना था इतिहास एक दिन खुद को दोहराएगा,कलयुग में भी सतयुग अपनी छवि दिखायेगा,झूठ का काला मेघ कब तक स्वर्णिम सत्य छुपाएगा,आज वहीं दिन हैं जब राम-जन्म-भूमि पर हर कोई,श्री राम के गुण गायेगा।लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'
सुना था इतिहास एक दिन खुद को दोहराएगा,कलयुग में भी सतयुग अपनी छवि दिखायेगा,
झूठ का काला मेघ कब तक स्वर्णिम सत्य छुपाएगा,आज वहीं दिन हैं जब राम-जन्म-भूमि पर हर कोई,
श्री राम के गुण गायेगा।लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'