जितना झूठा इन्सान रहेगा,

उतना वो परेशान रहेगा,

मत छीन दूसरे की दौलत,


ऊपर सबका हिसाब रहेगा,


स्वर्ग मिलना तो मुश्किल है,

जब तक तु बेईमान रहेगा,

अपने काम से दिल लगा ले,

ज़िन्दगी भर आराम रहेगा,

जब तक मन में दुविधा है,

तु ऐसे ही परेशान रहेगा,

'बेसुध' का ये सच्चा लेख,

मरते दम तक याद रहेगा।

लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'