क्या करूं आज- कल थोड़ी सी मुश्किल है,
वक़्त तो बहुत है पर खाली रहना मुश्किल है।
कहां गई वो फुरसत की हवाए ढूंढना भी तो मुश्किल है,
मैं ही तो नहीं ले गया उसे मुझसे पता करना मुश्किल है।
पल हर पल अब तो मौज में रहना भी गवारा नहीं मुश्किल है,
मेरा ईमान चैन की सांस क्या ले दुनिया के लिए मुश्किल है।


