मिट्टी भी फक्र से गोद में लेती है।भारत माँ के सपुतों को धुल की चादर देती है।।नाज़ है ऐसे सपूतों पर जो माँ के लिए चिरनिंद्रत होते है।रोती है धरती, की आंचल में भी ज़माने उन्हें चैन से सोने नही देती है।।
मिट्टी भी फक्र से गोद में लेती है।भारत माँ के सपुतों को धुल की चादर देती है।।
नाज़ है ऐसे सपूतों पर जो माँ के लिए चिरनिंद्रत होते है।रोती है धरती, की आंचल में भी ज़माने उन्हें चैन से सोने नही देती है।।