Poetry 1 min read 618K reads

Tareef.


सुना है तेरे शहर का मौसम बहुत सुहाना लगे,में आज एक शाम चुरा लूं, अगर बुरा न लगे,

इससे बेहतर क्या तारीफ़ करूं मैं तुम्हारी,तेरे रौनक के आगे सारा कायनात पुराना लगे।।

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