रातें ले लो

यादें ले लो

ले लो मेरे गम सभी

सुकून दे दो 

सपने दे दो

दे दो कोई वजह खुशी की


रोज़ वही मरना छोड़ो

रातों को भटकना छोड़ो

छोड़ो बुरी आदतें सभी

सावन की बहारें मांगो

सर्दियों में गर्माहट मांगो

मांगो सारी शामें सुनहरी


दगाबाजों को भुलाओ 

मौका परस्तों को भुलाओ

भुलाओ हैवानों को सभी

अच्छे अंजानों को याद करो

बिछड़े यारों को याद करो 

याद करो जल्दी जाने वालों को भी


नौकरशाहों को पीटों

तानाशाहों को पीटों

पीटोंं देशद्रोहियों को सभी

लोकतंत्र को गले लगाओ

गणतंत्र को गले लगाओ

गले लगाओ देश के सपूतों को भी।