एक जादूगर था जिसका जादू अनोखा था
ऐसा जादू जिसे देखने हर तबका आतुर था
इंसानों में गिनती नहीं ऐसा वोह जादूगर था
पर ऐसे जादू वाले का कही वजूद ना मिलता।
एक संगीतकार था जिसके सुर अद्वितीय थे
वोह गाता जब तो उसके गीत पे नाचते मोर भी थे
उसके अपमान पे भड़के लाखों लोग भी थे
पर ऐसा कोई तानसेन था इसके सबूत नहीं मिले।
एक नर्तकी थी जिसकी मुद्राओं के कायल थे सभी
वोह जाती जहा कही उमड़ आते थे अमीर गरीब सभी
रूपवान थी कलावती थी और थे गुण उसमे सभी
पर ऐसी नर्तकी की गाथा सुनी कही भी नहीं।
एक ऐसा शायर था जिसकी शायरी क्या खूब थी
वोह क्या अपनी तारीफ करता सारी दुनिया उसकी मुरीद थी
उसकी शान में सभी जगह सभाएं रखी जाती थी
पर ऐसी शायरी करने वाले का लिखित प्रमाण कही नही।
एक कलाकार भी था जिसकी कला अपूर्व थी
उसे देखने के लिए जुट जाती हजारों की भीड़ थी
उसकी कला ऐसी की आकर्षित सबको कर लेती थी
पर ऐसा कोई कलाकार था इसका कही भी जिक्र नहीं।


