इश्क़ का दर्द बयां करने की कोशिश नज़र आती हैमोहब्बत लफ़्ज़ों में रख कर गुज़रने की कोशिश करती हूँवो और बात है तू तहरीरों में मुझे ढूंढता ही रह गयामैं हर्फ़-ए-आखिर में मिलने की उम्मीद लिए फिरती हूँ#रश्मि